‘मौत’ को ‘दावत’ दे रही बस्ती-महुली ‘मार्ग’

‘मौत’ को ‘दावत’ दे रही बस्ती-महुली ‘मार्ग’

‘मौत’ को ‘दावत’ दे रही बस्ती-महुली ‘मार्ग’

  • -सड़क के दोनों ओर सफेद पटटी न लगने से हो रही दुर्घनाएं, कोई अस्पताल पहुंच रहा है, तो कोई पोस्ट मार्टन हाउस
  • -लालगंज के एसआई इंद्रेश यादव कहतें कि सबसे बड़ी समस्या हम लोगों को हो रही, रात में चलना जान जोखिम से भरा रहता है, कोहरा होने की वजह से सामने दिखाई ही नहीं पड़ता, कहते हैं, कि बीस दिन नौकरी बची है हम तो किसी तरह काट ले गए

बनकटी/बस्ती। अगर किसी को अस्पताल या फिर पोस्ट मार्टम हाउस पहुंचना है, तो वह बस्ती से महुली मार्ग पर सफर करके देख लें। करोड़ों की तो सड़क बन गई, लेकिन आवागमन करने वालों की सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं किया, जिसके चलते इस मार्ग पर आए दिन दुर्घनाएं हो रही, कोई अस्पताल पहुंच रहा है, तो कोई पोस्ट मार्टम हाउस पहुंच रहा। नियमानुसार सड़क के दोनों ओर सफेद पटटी लगनी चाहिए, ताकि लोगों को सड़के होने का पता चल सके। बस्ती से महुली मार्ग पर एक भी स्थानों पर स्कूल हैं, का चिन्हृ नहीं बनाया गया। पीडब्लूडी की यह सड़क लोगों के काल बनती जा रही है, ठंडक और कोरे के कारण सड़क का पता ही चलता, जबकि पटटी लगानी चाहिए। लेकिन अभी तक सफेद पट्टियां नहीं लगीं है। जो यातायात को नियंत्रित करने व लेन को विभाजित करने और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। यह पट्टी ड्राइवर को भ्रमित होने से भी बचाती हैं और कम रोशनी में भी दृश्यता बढ़ाती हैं। जिसकी वजह से आए दिन दुर्घटनाएं आम बात हो गयी है। अभी दो दिन पहले रात्रि में देईसाड से अपने घर वापस आ रहा इकलौता लड़का जो मुन्डेरवा थाना क्षेत्र के कड़सरी गांव का निवासी था टाले के चपेट में आ गया जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। पिता का दो साल पहले ही स्वर्गवास हो गया माँ कैसर से पीड़ित विधवा महिला का रो-रो कर बुरा हाल है। इस प्रकार से आए दिन इस सड़क पर कही न कहीं अप्रिय घटनाएं घटित हो रही हैं। थाना लालगंज के एसआई इंद्रेश यादव ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या हम लोगों को हो रही है। रात में चलना जान जोखिम से भरा रहता है, कोहरा होने की वजह से सामने दिखाई ही नहीं पड़ता, कहते हैं, कि बीस दिन नौकरी बची है हम तो किसी तरह काट ले गए हैं। लेकिन औरों के लिए आए दिन बड़ी समस्या बनेगी इसी रोड पर बने बनकटी ब्लाक पर 85 गांव के प्रधान बीडीसी कोटेदार असली नकली ब्लॉक प्रमुख थाना, बैंक, इंटर कॉलेज, अस्पताल, के अलावा हजारों लोगों का हर रोज आना जाना होता है।

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