‘संजय जी’ मत उड़िएः गिर ‘जाएगें’ तो, ‘उठ’ नहीं ‘पाइएगें’!
- Posted By: Tejyug News LIVE
- क्राइम
- Updated: 18 December, 2025 04:09
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‘संजय जी’ मत उड़िएः गिर ‘जाएगें’ तो, ‘उठ’ नहीं ‘पाइएगें’!
-पत्रकार सोहन सिंह के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करवा इन्होंने अपने उड़ने का सबूत दे दिया, यह पहले भी झूठ बोलते हैं, और आज भी झूठ बोल रहें, खबर प्रकाशित होने से पहले और न बाद में पत्रकार की न तो इनसे और न ही इनके लोगों से न तो फोन से बात हुई और न कभी मुलाकात ही हुई, तो कब पत्रकार ने संजय चौधरी के विरुद्व अशब्द व गाली का प्रयोग किया और यह धमकी दिया कि मैं संजय चौधरी का राजनैतिक कैरियर बर्बाद कर दूंगा
-जब अभी से यह प्रदेश अध्यक्ष के नाम का सहारा लेकर और फर्जी एफआईआर दर्ज करवा रहें, उससे इनकी छवि तो धूमिल नहीं होगी, अलबत्ता पंकज चौधरी की छवि अवष्य यह धूमिल कर देंगें, इसी लिए प्रदेश अध्यक्ष को यह सलाह दी जा रही है, कि जितनी जल्दी हो सके संजय चौधरी जैसे लोगों से पीछा छुड़ा ले
-जो इन्होंने गलत बयानी करके पत्रकार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाया, उसे लेकर पूरा मीडिया और जिले के लोग इनके कृत्य की निंदा कर रहे हैं, और कह रहे हैं, कि कौन नहीं संजय चौधरी और उनके कारोबार के बारे में जानता
-पत्रकार का दावा और संजय चौधरी को खुली चुनौती है, कि अगर उन्होंने यह साबित कर दिया, उन्हें गाली दी गई, या राजनैतिक छवि बर्बाद करने की धमकी दी गई, पत्रकारिता छोड़ने को तैयार, नहीं तो संजय चौधरी को राजनेैतिक जीवन से सन्यास लेना पड़ेगा
-कभी पत्रकार सोहन सिंह का जिंदगीभर एहसान न भूलने की बात कहने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी उसी पत्रकार का एहसान भूल एहसान फरामोशी कोई इनसे सीखे, जिस व्यक्ति का बार डांस बालाओं के साथ ठुमका लगाने और नोट लुटाने का वीडियो वायरल हो, उसकी समाज में कैसी छवि कैसी होगी? इसे आसानी से समझा जा सकता
-कहते हैं, कि जो कुशुल और योग्य नेता होता है, वह कभी पत्रकार के खिलाफ न तो मुकदमा कायम करवाता और न ही खबरों पर कभी कमेंट करता, यह वही अकुशल और अयोग्य नेता कर सकता है, जो सत्ता के नशे में चूर होता, जिले में संजय चौधरी की छवि कैसी हैं, यह किसी छिपी हुई नहीं
बस्ती। जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी के बारे 14 दिसंबर 25 को प्रकाशित खबर आज सच साबित हो रही। आखिर यह हवा में उड़ने लगें है। इनकी पहली उड़ान का शिकार बस्ती के पत्रकार सोहन सिंह हुए। जिस तरह इन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के नाम और पद का सहारा लेकर फर्जी मुकदमा दर्ज करवाया, उससे इनकी बदनामी कम और पंकज चौधरी की अधिक हो रही है। जिस पत्रकार ने इनके लगभग पांच साल में हुए घोटाले का पर्दाफाश करता आ रहा है, आज मौका मिलते ही सबसे पहले उसी पत्रकार को निशाना बनाया। सच को दबाने का जो प्रयास संजय चौधरी कर रहे हैं, उसका खामियाजा इन्हें आज नहीं तो कल किसी न किसी रुप में अवष्य भुगतना पड़ सकता है। कभी पत्रकार सोहन सिंह का जिंदगीभर एहसान न भूलने की बातें कहने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी उसी पत्रकार का एहसान भूल गए, यह न सिर्फ पत्रकार का एहसान भूले बल्कि यह जिले के प्रथम नागरिक की कुर्सी पर बैठाने वाले पूर्व सांसद और पांच विधायकों का भी एहसान भूल गए, इसी लिए कहा जाता है, कि एहसान फरामोशी कोई इनसे सीखे, पत्रकार राजेश कुमार शुक्ल कहते हैं, कि जिस व्यक्ति का बार डांस बालाओं के साथ ठुमका लगाने और नोट लुटाने का वीडियो वायरल हो, उसकी समाज में कैसी छवि होगी? ऐसे लोग सरकार और पार्टी दोनों को बदनाम करने का काम करते। कहते हैं, कि जो कुशल और योग्य नेता होतें हैं, वह कभी पत्रकार के खिलाफ न तो मुकदमा कायम करवाते और न खबरों पर कभी कमेंट करतें हैं, यह वही अकुशल और अयोग्य नेता करते है, जो सत्ता और पद के नशे में चूर रहते है। कहते हैं, कि जिले में संजय चौधरी की छवि कैसी हैं, यह किसी से छिपी हुई नहीं है। यह पहले भी झूठ बोलते हैं, और आज भी झूठ बोल रहें। कहा कि जब खबर प्रकाशित होने से पहले और बाद में पत्रकार की न तो इनसे और न ही इनके लोगों से न तो फोन से बात हुई और न कभी मुलाकात ही हुई, तो कब पत्रकार ने इनके विरुद्व अशब्द व गाली का प्रयोग किया और यह धमकी दिया कि मैं संजय चौधरी का राजनैतिक कैरियर बर्बाद कर दूंगा। कहते हैं, कि यह प्रदेश अध्यक्ष के नाम का सहारा लेकर और फर्जी एफआईआर दर्ज करवा रहें, तो यह आगे क्या करेगें? यह सवाल बना हुआ है। इससे इनकी छवि तो धूमिल नहीं होगी, अलबत्ता पंकज चौधरी की छवि अवष्य यह धूमिल कर देंगें, इसी लिए प्रदेश अध्यक्ष को यह सलाह दी जा रही है, कि जितनी जल्दी हो सके संजय चौधरी जैसे लोगों से पीछा छुड़ा ले। इन्होंने जो गलत बयानी करके पत्रकार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाया, उसे लेकर पूरा मीडिया और जिले के लोग इनके कृत्य की निंदा कर रहे हैं, और कह रहे हैं, कि कौन नहीं संजय चौधरी और उनके कारोबार के बारे में जानता है। पत्रकार की ओर से संजय चौधरी को खुली चुनौती दी गई है, कि अगर उन्होंने यह साबित कर दिया, उन्हें गाली दी गई, या राजनैतिक छवि बर्बाद करने की धमकी दी गई, तो पत्रकारिता छोड़ने को तैयार हूं, नहीं तो संजय चौधरी को राजनेैतिक जीवन से सन्यास लेना पड़ेगा। पत्रकार अनुज प्रताप सिंह लिखते हैं, कि पत्रकारों का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाष्त नहीं किया जाएगा, फर्जी मुकदमें से पत्रकार डरने वाले नहीं है। पत्रकार एकता जिंदाबाद। इसे लेकर पत्रकारों की एक बैठक होने जा रही है।

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