ट्रिब्यूनल इस ट्रांसफर को रद्द घोषित कर देगा.
- Posted By: Tejyug News LIVE
- देश
- Updated: 6 January, 2025 15:51
- 139
ट्रिब्यूनल इस ट्रांसफर को रद्द घोषित कर देगा.
माता-पिता से उनकी संपत्ति उपहार में पाने के बाद उनकी देखभाल नहीं करने वाले बच्चों से संपत्ति वापस ली जा सकती है. सुप्रीम कोर्ट ने बुजुर्गों के हितों के संरक्षण के लिए 2007 में बने कानून की व्याख्या करते हुए यह फैसला दिया है. मध्य प्रदेश के छतरपुर के इस मामले में कोर्ट ने मां की तरफ से बेटे को की गई गिफ्ट डीड को रद्द कर दिया है. कोर्ट ने बेटे को आदेश दिया है कि वह 28 फरवरी तक मां को संपत्ति पर कब्जा दे दे. 2007 में बने कानून की धारा 23 कहती है कि इस कानून के लागू होने के बाद उपहार (गिफ्ट) या किसी और तरीके से अगर कोई वरिष्ठ नागरिक इस शर्त पर अपनी संपत्ति किसी को देता है कि संपत्ति पाने वाला उस वरिष्ठ नागरिक की देखभाल करेगा, तो ऐसा न होने की सूरत में यह माना जाएगा कि संपत्ति का ट्रांसफर धोखाधड़ी या धमकी से हुआ है. ट्रिब्यूनल इस ट्रांसफर को रद्द घोषित कर देगा.

Comments