बंदे मातरम गान’ के साथ ‘याद’ किए गए ‘1971’ युद्व के ‘सैनिक’

बंदे मातरम गान’ के साथ ‘याद’ किए गए ‘1971’ युद्व के ‘सैनिक’

बंदे मातरम गान’ के साथ ‘याद’ किए गए ‘1971’ युद्व के ‘सैनिक’

बस्ती। वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति द्वारा महामंत्री वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम प्रकाश शर्मा के संयोजन में भारत-पाकिस्तान के बीच 1971 में हुये 13 दिन, 93 हजार सैनिक और ऐतिहासिक जीत का विजय दिवस मनाया गया। इस अवसर भारत-पाक के युद्ध में हिस्सा लेने वाले मुण्डेरवा थाना क्षेत्र के अब्दुल मन्नान को सम्मानित किया गया। वंदे मातरम के सामूहिक गान के बाद पूर्व प्रधानाचार्य डा. रामनरेश सिंह मंजुल, डा. वी.के. वर्मा, श्याम प्रकाश शर्मा, बी.के. मिश्र, बी.एन. शुक्ल आदि ने 1971 के भारत-पाक युद्ध में भाग लेकर देश सेवा करने वाले सैनिकों, शहीद सैनिकों को कलेक्टेªट परिसर के निकट  पुष्पांजलि अर्पित कर अपने वीर साथियों को नमन किया। उपस्थित जनों ने शहीदों के अदम्य साहस, त्याग और बलिदान को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1971 में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऐतिहासिक युद्ध में सैनिकों ने निर्णायक जीत दर्ज की थी। इसी विजय के परिणामस्वरूप बांग्लादेश एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में विश्व मानचित्र पर उभरा। यह युद्ध केवल हथियारों का संघर्ष नहीं था, बल्कि मानवता, न्याय और आत्मसम्मान की लड़ाई थी। भारतीय सशस्त्र बलों और बांग्लादेशी मुक्ति वाहिनी ने अद्वितीय साहस और बलिदान का परिचय देते हुए इस युद्ध को अंजाम तक पहुंचाया। ऐसे बीर सैनिक और बलिदानी युगों तक याद किये जायेंगे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अनुरोध श्रीवास्तव, अजमत अली सिद्दीकी, पेशकार मिश्र, सामईन फारूकी, प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, दीनानाथ यादव, संजीव पाण्डेय, नेबूलाल, गनेश, मेहीलाल, डा.राजेन्द्र सिंह ‘राही’, कृष्णचन्द्र पाण्डेय, लालजी पाण्डेय के साथ ही अनेक लोग उपस्थित रहे।

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