‘सालों’ बाद ‘मुर्दा’ हुआ ‘जिंदा’, केस ‘दर्ज’

‘सालों’ बाद ‘मुर्दा’ हुआ ‘जिंदा’, केस ‘दर्ज’

‘सालों’ बाद ‘मुर्दा’ हुआ ‘जिंदा’, केस ‘दर्ज’

बस्ती। जनपद के सोनहा थाना क्षेत्र में मृत व्यक्ति के नाम पर फर्जी पहचान पत्र बनवाकर जमीन बेचने के सनसनीखेज मामले में आखिरकार पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त पत्रकार फूलचंद चौधरी की शिकायत पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है। मामला प्रतिरूपण, जालसाजी और भूमि धोखाधड़ी से जुड़ा है। आरोप है कि अब्दुल रहमान खान ने करीब 30-35 वर्ष पूर्व मृत हो चुके राम दुलारे चौबे की पहचान अपनाई। आरोपी ने मुस्लिम से हिंदू बनकर फर्जी तरीके से मतदाता पहचान पत्र  में हेरफेर की और उसी आधार पर आधार कार्ड बनवाया। इसके बाद वर्ष 2007 में उक्त फर्जी पहचान के सहारे जमीन का बैनामा कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में जालसाजी, धोखाधड़ी, प्रतिरूपण, फर्जी दस्तावेजों का निर्माण व उपयोग तथा आपराधिक साजिश से संबंधित गंभीर धाराएँ लगाई गई हैं। जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि फर्जी वोटर आईडी और आधार कार्ड किस स्तर पर और किनकी मिलीभगत से बनाए गए। अब तक सामने आए प्रमुख तथ्य, उनमें मृत व्यक्ति के नाम पर फर्जी मतदाता पहचान पत्र, उसी के आधार पर फर्जी आधार कार्ड बना, एक ही व्यक्ति की दो अलग-अलग पहचान (मुस्लिम व हिंदू) वर्ष 2007 में जमीन की अवैध बिक्री ,न्यायालय को गुमराह करने का प्रयास किया गया । सूत्रों के मुताबिक, जांच के लिए निर्वाचन कार्यालय, और राजस्व विभाग से भी रिपोर्ट तलब की जा सकती है। साथ ही प्रेमा देवी सहित अन्य 07-आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल शुरू कर दी गई है। मुकदमा दर्ज होने के बाद अब पूरे गिरोह के बेनकाब होने की उम्मीद है। वहीं, इस प्रकरण ने आधार और मतदाता पहचान प्रणाली की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन बड़ा प्रश्न यही है कि क्या इस मामले में सिर्फ आरोपियों पर ही नहीं, बल्कि सिस्टम की चूक और उसमें शामिल जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई हो पाएगी।

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